बाबू लाल सिंह का जन्म ग्राम - बिरनौध, जिला - भागलपुर में 1920 के दशक में हुआ था। इनके पिता जी का नाम स्व0 मैंनू मंडल व माता का नाम स्व० गुलाबो देवी था। बाबू लाल सिंह अपने माता पिता के प्रथम सन्तान थे। इनसे छोटे एक भाई व एक बहन हैं। इनके पिता स्व० मैंनू मंडल अपने माता पिता के इकलौते सन्तान थे। स्व० मैंनू मंडल को पचास एकड़ जमीन विरासत में मिली थी। बाबू लाल सिंह की प्रारंभिक शिक्षा गांव के ही पाठशाला में हुई। बाबू लाल सिंह युवावस्था से ही काफी प्रभावशाली व्यक्तित्व के स्वामी बन गए थे। अपने गांव बिरनौध के लोगों की समस्याओं को दूर करना उनका स्वभाव बन गया।
वर्ष 1947 के आसपास इनका विवाह बांका जिला के कोतवाली गांव के निवासी शांति देवी के साथ हुआ। कालांतर में इस दम्पत्ति को 5 पुत्र व 4 पुत्री की प्राप्ति हुई। वर्ष 1975 में इनके पिता जी स्व0 मैंनू मंडल का देहांत हो गया।
बाबू लाल सिंह काफी युवावस्था में ही अपने गाँव बिरनौध के मुखिया बन गए थे और वो वर्ष 2000 तक इस पद पर बने रहे। इसके साथ ही उन्होंने अपने पुत्रों को शिक्षित करने में काफी मेहनत किया। उनके मेनहत के कारण ही उनके सभी पुत्रों ने ऊंची शिक्षा हासिल की, जबकि उस वक़्त आसपास के गांवों में उच्च विद्यालय भी नहीं हुआ करते थे।
बाबू लाल सिंह जीवन भर अपने गांव बिरनौध के उत्थान के लिए संघर्षरत रहे। अपने गांव बिरनौध के विकास के लिए उन्होंने गांव में पक्के सड़क, तालाब आदि का निर्माण करवाया। यही नहीं, अपनी निजी जमीन को दान कर उन्होंने सरकारी विद्यालय का निर्माण करवाया। आज उनके ही दान किये गए जमीन पर कंझिया का विद्यालय व पावर ग्रिड का प्लांट स्थापित है।
वर्ष 1947 के आसपास इनका विवाह बांका जिला के कोतवाली गांव के निवासी शांति देवी के साथ हुआ। कालांतर में इस दम्पत्ति को 5 पुत्र व 4 पुत्री की प्राप्ति हुई। वर्ष 1975 में इनके पिता जी स्व0 मैंनू मंडल का देहांत हो गया।
बाबू लाल सिंह काफी युवावस्था में ही अपने गाँव बिरनौध के मुखिया बन गए थे और वो वर्ष 2000 तक इस पद पर बने रहे। इसके साथ ही उन्होंने अपने पुत्रों को शिक्षित करने में काफी मेहनत किया। उनके मेनहत के कारण ही उनके सभी पुत्रों ने ऊंची शिक्षा हासिल की, जबकि उस वक़्त आसपास के गांवों में उच्च विद्यालय भी नहीं हुआ करते थे।
बाबू लाल सिंह जीवन भर अपने गांव बिरनौध के उत्थान के लिए संघर्षरत रहे। अपने गांव बिरनौध के विकास के लिए उन्होंने गांव में पक्के सड़क, तालाब आदि का निर्माण करवाया। यही नहीं, अपनी निजी जमीन को दान कर उन्होंने सरकारी विद्यालय का निर्माण करवाया। आज उनके ही दान किये गए जमीन पर कंझिया का विद्यालय व पावर ग्रिड का प्लांट स्थापित है।
वर्ष 2006 में मई महीने में ब्रेन हेमरेज के कारण बाबू लाल सिंह का देहांत हो गया। इनके मृत्यु के दो महीने के अंदर ही इनकी पत्नी शांति देवी का भी निधन हो गया।
स्व० बाबूलाल सिंह का पारिवारिक विवरण
नाम - बाबू लाल सिंह
पिता - स्व० मैंनू मंडल
माता - स्व० गुलाबो देवी
पत्नी - स्व० शांति देवी
पुत्र - 1. स्व० प्रकाश बिहारी सिंह
2. डॉ. राम प्रकाश सिंह
3. स्व० विनय प्रकाश सिंह
4. ओम प्रकाश सिंह
5. गौतम कुमार सिंह
पुत्री - 1. श्रीमती प्रतिमा देवी
2. स्व० शोभा देवी
3. श्रीमती नीलम देवी
4. श्रीमती पूनम देवी
भाई - 1. जगदीश प्रसाद मंडल
बहन - 1. श्रीमती टुघड़ो देवी